भारत-जापान संबंधों की नई इबारत

भारत-जापान संबंधों की नई इबारत: अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ एकजुटता की मिसाल

                                          🖋️प्रो. (डॉ.) मुकेश जैन

           भारत द्वारा आर्थिक भूचाल का सामना-

          २९ अगस्त, २०२५ को वैश्विक आर्थिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में दर्ज होगा, जब भारत और जापान ने अमेरिकी प्रशासन की एकतरफा टैरिफ नीतियों के खिलाफ एक सामूहिक रुख अपनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भागीदारी ने वैश्विक आर्थिक संबंधों में एक नए युग की शुरुआत का संकेत दिया है। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका ने भारत पर ५०% का अतिरिक्त टैरिफ लगाया है, जिसके कारण भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में १% की कमी आने का अनुमान है ।

अमेरिकी टैरिफ का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव: एक विस्तृत विश्लेषण-

1. निर्यात पर प्रतिकूल प्रभाव

· वस्त्र उद्योग: भारत का $१७९ बिलियन का वस्त्र उद्योग, जो $३७.७ बिलियन का निर्यात करता है, सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। अमेरिका $१०.३ बिलियन के साथ इस उद्योग का सबसे बड़ा बाजार है ।

1. रत्न और आभूषण:

इस क्षेत्र के निर्यात पर भी गहरा असर पड़ा है। किरीत भंसाली, जेम्स एंड ज्वैलरी प्रमोशन काउंसिल के अध्यक्ष, इसे “भूकंप” की संज्ञा देते हैं ।

· समुद्री उत्पाद और चमड़ा: इन क्षेत्रों में निर्यात में ७०% तक की गिरावट का अनुमान है ।

2. रोजगार पर संकट

· भारत की बेरोजगारी दर जून में ५.६% थी, जो शहरी क्षेत्रों में बढ़कर ७.१% हो गई है ।

· टैरिफ के कारण लाखों श्रमिकों के रोजगार पर खतरा मंडरा रहा है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जो अमेरिकी मांग पर निर्भर हैं ।

3. व्यापार असंतुलन

· भारत के अमेरिका को निर्यात में ४३% की कमी आने का अनुमान है, जिससे $३७ बिलियन का नुकसान हो सकता है ।

· भारतीय निर्यातकों ने टैरिफ की घोषणा से पहले ही अपना माल भेज दिया था, लेकिन अब उन्हें ३०% की लागत हानि का सामना करना पड़ रहा है ।

अमेरिकी टैरिफ का भारतीय निर्यात पर प्रभाव

क्षेत्र /वार्षिक निर्यात (अमेरिका को) /अनुमानित नुकसान /प्रभाव

वस्त्र /$१०.३ बिलियन /७०% /रोजगार संकट

रत्न और आभूषण/ $१० बिलियन/ /६०% /निर्यात में गिरावट

समुद्री उत्पाद / $८ बिलियन /७०% /मूल्य हानि

चमड़ा / $६ बिलियन /६५% /बाजार हानि

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भारत की प्रतिक्रिया: आत्मनिर्भरता और कूटनीतिक कौशल

1. आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम

प्रधानमंत्री मोदी ने “मेक इन इंडिया” पर पुनः बल देते हुए देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया । सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) में भी सुधार किया है, जिससे अधिकांश वस्तुओं पर कर दरें ५% या १८% कर दी गई हैं ।

2. निर्यातकों के लिए राहत पैकेज

· सरकार बहु-अरब डॉलर का राहत पैकेज लाने की योजना बना रही है ।

· भारतीय निर्यात संगठन संघ (FIEO) ने ऋण मोराटोरियम की मांग की है ।

3. रूस के साथ मजबूत संबंध

भारत रूस से ४०% तेल आयात करता है, जो यूक्रेन युद्ध से पहले १% से कम था । भारत ने रुपए में भुगतान की व्यवस्था कर $१७ बिलियन की बचत की है ।

जापान का समर्थन: एक नई अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता

1. व्यापार वार्ता का स्थगन

जापान के मुख्य व्यापार वार्ताकार र्योसेई अकाजावा ने अमेरिका यात्रा रद्द कर दी, जो टैरिफ राहत पर चर्चा के लिए थी । जापान ने अमेरिका के ९०% लाभ की मांग को अस्वीकार कर दिया ।

2. आर्थिक सहयोग का प्रस्ताव

जापान ने अमेरिका में $५५० बिलियन के निवेश का प्रस्ताव रखा, लेकिन पारस्परिक लाभ पर जोर दिया ।

3. भारत के साथ एकजुटता

जापान ने भारत के रुख का समर्थन किया और अमेरिकी दबाव को ठुकराया । इससे भारत-जापान संबंध मजबूत हुए हैं।

मुद्दा अमेरिकी मांग जापानी प्रतिक्रिया वर्तमान स्थिति

. टैरिफ दर २५% १५% की मांग वार्ता स्थगित

. निवेश पैकेज ९०% लाभ पारस्परिक लाभ असहमति

. ऑटो पार्ट्स उच्च टैरिफ कम टैरिफ की मांग विवादित

मोदी की जापान यात्रा: एक सामरिक मोड़

1. SCO शिखर सम्मेलन में भागीदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने २०२० के बाद पहली बार चीन का दौरा किया, जो सीमावर्ती विवाद के बाद एक सकारात्मक संकेत है । इस यात्रा का उद्देश्य आर्थिक एकजुटता बढ़ाना था।

2. चीन के साथ संबंधों में सुधार

भारत ने चीनी निवेश के प्रति रुख नरम किया है, जो अमेरिकी टैरिफ के प्रति एक सामरिक प्रतिक्रिया है ।

3. बहुपक्षीय व्यापार की ओर अग्रसर

मोदी ने “आर्थिक स्वार्थ” की युग के खिलाफ बात की और राष्ट्रीय हितों की रक्षा पर जोर दिया ।

निष्कर्ष: एक नई विश्व व्यवस्था की ओर

भारत और जापान की साझा प्रतिक्रिया ने वैश्विक आर्थिक नीतियों में एक नए युग का सूत्रपात किया है। अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ यह एकजुटता न केवल दोनों देशों के आर्थिक हितों की रक्षा करेगी, बल्कि भविष्य में बहुपक्षीय व्यापार को भी बढ़ावा देगी। प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा और SCO शिखर सम्मेलन में भागीदारी ने भारत की कूटनीतिक परिपक्वता का परिचय दिया है। “भारत अपने हितों की रक्षा के लिए भारी कीमत चुकाने को तैयार है” – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

संदर्भ:

1. The Guardian – Trump’s 50% tariff on India

2. India.com – Japan cancels US visit

3. Business Today – Japan’s trade negotiator cancels US trip

इस लेख के लिए भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के सार्वजनिक बयानों को भी आधार बनाया गया है।

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